कोरोना वायरस एक ऐसी महामारी है कि जिसकी वजह से अपनों ने ही अपनों का अंतिम संस्कार करने से इंकार कर दिया।

कोरोना वायरस के इस समय में कुछ ऐसे मामले सामने है जिसमे अपने लोगो ने ही अपनों का शव लेने से मना कर दिया। फिर किसी और व्यक्ति ने किया अंतिम संस्कार।


कोरोना से पूरा देश भयभीत है लोगो बुरी तरह डरे हुए है ऐसे में कुछ मामले सामने आए है कि अपनों ने ही अपनों का अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया। लेकिन फिर मुंबई के बड़े कब्रिस्तान से जुड़े हुए लोगो ने 700 से अधिक लोगो का अंतिम संस्कार किया और इनमें से 250 लोग हिन्दू थे।

जब इस समय कोई अपना नहीं आया अंतिम संस्कार करने तो बड़ा कब्रिस्तान के सदस्य ने इस बीमारी से मरने वालो के शव को श्मशान से घर लाने से लेकर अंतिम संस्कार में सहायता की। किसी ने भी किसी धर्म जाति को नहीं देखा सबको एक समान बड़े ही सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया।

जब इस बीमारी ने अपना कहर शुरू किया था तो ऐसे बहुत से मामले सामने आया थे जिसमे अपनों ने ही शव लेने से इंकार कर दिया था फिर इन लोगो ने ऐसा लोगो का अंतिम संस्कार करने का बीड़ा अपने ऊपर उठाया। हालांकि सबसे पहले बड़ा कब्रिस्तान की टीम को ट्रेनिंग दी गई कि कैसे शव को उठाना है और उनका अंतिम संस्कार करना हैं।

इसमें 200 लोग शामिल है जिन्हें ग्रुप में बाट रखा है हर ग्रुप में 10 लोग हैं। इन्हे सबसे ज्यादा दिक्कत एम्बुलेंस की व्यवस्था करने में हुई। अधिकतर एम्बुलेंस बंद थी और जो चल रही थी उन्होंने कोरोना के शवों के ले जाने से इन्कार कर दिया था लेकिन फिर भी इन्होंने हिम्मत नहीं हारी। इन्होंने पुरानी एम्बुलेंस को ठीक करवाया फिर उसका उपयोग किया। इनके से नेक काम से पूरा देश इनका गुणगान कर रही है अब इन लोगो ने ये नेक काम मुंबई के बहार के लोगो के लिए भी शुरू कर दिया।

1 Comments
    Carl 2020-08-12

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