देश भर में टिड्डी दल का कहर

कोरोना काल के दौरान टिड्डी का आतंक।कोरोना संकट के दौरान ईरान के रास्ते पाकिस्तान होते हुए टिड्डी ने राजस्थान समेत कई राज्यों में हमला बोल दिया है।


उत्तर प्रदेश, पंजाब समेत मध्य प्रदेश व कई राज्यों की फसले पर हमला बोल चुके है टिड्डी का यह दल।

पिछले साल भी टिड्डी ने अंटक मचा रखा था। सबसे बड़े पैमाने में सन् १९९३ में हुआ था लेकिन इस बार भी इन्होंने बड़ी संख्या में धाबा बोला है। हर बार सरकार की देख रेख की वजह से टिड्डी का खात्मा हो गया था। टिड्डियों ने हमला किया है उससे देश में करोड़ों रुपये के कीमत की मूंग दाल और कई अन्य फसलों के नुकसान होने का खतरा है। यह दल एक दिन में कई मिलो का सफ़र तय कर लेते हैं। दिल्ली सहित कई अन्य राज्यो में सरकार ने हाई एलर्ट जारी कर दिया गया है। टिड्डी दल का प्रकोप बढ़ता ही जा रहा है। अब यही देखा जा रहा है कि किसान कोरोना महामारी और इस कीट के दल से कैसे जंग जीतेंगे। मॉनसून में इस कीट का प्रजनन बड़ जाता है। पाकिस्तान- भारत के बॉर्डर पर प्रजनन तेज हो जायेगा। भारत के सारे राज्य इस दल की चपेट में आता जा रहा है।


टिड्डी- एक खतरनाक कीट


टिड्डी की करीब  दस हज़ार प्रजातियां हैं। भारत में सिर्फ ४ प्रजातियां पाई जाती हैं।

1. रेगिस्तानी टिड्डी(schitocerca gregarian)

2. प्रव्रजक टिड्डी(Locusta migratoria)

3. बंबई टिड्डी(Normadacris Succinta)

4. पेड़ वाले टिड्डी(Anacridium)


टिड्डी कैसे करे बचाव:-

1. परंपरागत उपाय थाली बजाना।

2. खेतों में धुआ।

3. फसलों को ढाकना।

4. लहसून के पानी का छिड़काव।

5. टिड्डी खाने वाले पंछी का पालन।

0 Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published.